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भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत

भारतीय संविधान के स्रोत

संविधान के स्रोत बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक हैं इससे जुड़े अक्सर परीक्षा में कोई न कोई सवाल पूछ लिया जाता हैं पोस्ट को पूरा पड़े सारी जानकारी विस्तारपूर्वक बतायी गयी हैं 
इस टॉपिक में जानेंगे संविधान के स्रोत के बारें संविधान में जो भी चीजे पड़ते हैं उनको कहाँ से लिया गया हैं  कहाँ से कॉपी करके लिखी गयी हैं इस बारे इस आर्टिकल में जानेंगे  क्या कुछ ऐसे भी तथ्य हैं जो भारत ने खुद लिये है  अगर है तो उनको कहाँ से लिखा गया हैं इन सब के बारे इस टॉपिक में पड़ेंगे पर उससे पहले कुछ ख़ास चीजे जिनके बारे में पता होना जरुरी है पहले इसके बारे में जान लेना जरुरी हैं  -
भारत के संविधान को Borrowing Bag अर्थात उधारों का थैला भी कहा जाता है क्योंकि इसमें हर एक चीज कहीं न कहीं से ली गयी हैं या यह कह सकते है की अधिकाँश भाग विदेशों से लिए गये हैं इसी कारण से Borrowing Bag अर्थात उधारों का थैला भी कहा जाता है 
भारतीय संविधान की आलोचना करते हुए जेनिंग्स ने उसे वकीलों का स्वर्ग की संज्ञा दी है ।
भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान हैं इसमें 395 अनुच्छेद (गणना की दृष्टि से 448 अनुच्छेद ) 12 अनुसूचियाँ तथा 25 भाग शामिल हैं 
भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान हैं । लिखित संविधान की अवधारणा ने सर्वप्रथम फ्रांस में 1761 ई . में जन्म लिया । 17 सितंबर 1787 में USA का संविधान तैयार हुआ जो विश्व का सर्वप्रथम लिखित संविधान है ।
अब सबसे पहले यह जानते हैं की भारत के संविधान में खुद से जो तथ्य लिए हैं उनको कहा लिखा गया है तो इसका जवाब है भारत शासन अधिनियम -1935 
भारत के संविधान में जहाँ से सबसे अधिक चीजें ली गयी हैं वह भारत शासन अधिनियम 1935 हैं , अर्थात सबसे ज्यादा तथ्य जो संविधान में सम्मिलित किये गए है वो भारत शासन अधिनियम 1935 से ही लिए गए हैं 
किस देश से कौन सी प्रणाली ली गयी हैं उनके बारे में जानते हैं - 

भारत शासन अधिनियम 1935 
संघीय व्यवस्था 
राज्यपाल का पद 
लोक सेवा आयोग 
संयुक्त राज्य अमेरिका -
●मौलिक अधिकार
●न्यायिक पुनरावलोकन
●संविधान की सर्वोच्चता
●न्यायपालिका की स्वतंत्रता 
●निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग 
●राष्ट्रपति के कार्य 
●उपराष्ट्रपति के कार्य 
●उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की विधि 
●वित्तीय आपात अवधारणा 
ब्रिटेन 
-
●संसदीय सरकार 
●विधि का शासन 
●विधि निर्माण प्रक्रिया ।
●एकल नागरिकता  
आयरलैंड -
●नीति निर्देशक सिद्धांत 
●राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल की व्यवस्था 
●राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में साहित्य, कला, विज्ञान व समाजसेवा इत्यादि के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त व्यक्तियों का मनोनयन ।
ऑस्ट्रेलिया 
-
●प्रस्तावना की भाषा 
●समवर्ती सूची का प्रावधान 
●केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन
●संसदीय विशेषाधिकार ।
जर्मनी 
-
●आपातकाल के परिवर्तन के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां ।
कनाडा 
-
●संसदात्मक विशेषताएं 
●अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास 
●राज्यपाल की नियुक्ति विषयक प्रक्रिया 
●संघ एवं राज्य के बीच शक्ति विभाजन ।
दक्षिण अफ़्रीका 
-
●संविधान संशोधन की प्रक्रिया का प्रावधान ।
●राज्य सभा के सदस्यों का चुनाव 
रूस -
●मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान ।
जापान -
●विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया ।
फ्रांस 
-
●गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता , समता , बंधुता के आदर्श का सिद्धांत

नोट-
भारतीय संविधान के अनेक देशी और विदेशी स्रोत हैं, लेकिन भारतीय संविधान पर सबसे अधिक प्रभाव 'भारतीय शासन अधिनियम, 1935' का है । भारतीय संविधान के 395 अनुच्छेदों में लगभग  250 अनुच्छेद ऐसे हैं जो 1935 ई. के अधिनियम  से या तो शब्दशः ले लिए गए हैं या फिर उनमें थोड़ा बहुत परिवर्तन के साथ लिया गया है।

⧭आशा करते है कि दी गयी जानकारी आपको समझ आई होगी । पोस्ट के बारे आपकी क्या प्रतिक्रिया हैं इसके इसके लिए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं 

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