Uttarakhand Gk Part 1

चंद वंश - गोरखा शासन - पवार वंश - ब्रिटिश उत्तराखंड 


 उत्तराखण्ड में किस स्थान से नागफनी के आकार के शिलाश्रय खोजे गये थे- लाखु उड्यार, अल्मोंडा 

1989 में पेटशाल में शिलाश्रय की खोज किसने की- यशोधर मठपाल ने 

चित्रकला की दृष्टि से उत्तराखण्ड की सबसे सुन्दर कृतियाँ स्थित है- ग्वारख्या उड्यार ( ढुंग्री गाँव , चमोली ) 

उत्तराखण्ड के किस स्थान पर चन्द्रेश्वर मन्दिर स्थित है- द्वाराहाट, अल्मोड़ा 

उत्तराखण्ड में किस स्थान से अर्न बरियल शवाधान मिले है- सानणा तथा बसेड़ी गाँव ( भिकियासैंण , अल्मोड़ा ) 

वह स्थल जो कुमाऊँ तथा गढ़वाल को अलग करता है- बधाण पट्टी / पर्वत श्रेणी 

स्कन्दनाग , विभुनाग , अंशुनाग तथा गणपतिनाग इन चार नाग नरेशों के नाम किस लेख में मिलते है- गोपेश्वर त्रिशूल लेख में 

कार्तिकेयपुर के किस शासक ने कार्तिकेयपुर राज्य की सीमाओं को वर्तमान कुमाऊँ तथा गढ़वाल को विस्तृत कर उसका एकीकरण किया था- इष्टगणदेव ने 

पंवार वंश का राजा कनकपाल किसका घर जवाई बना था- राजा सोनपाल का 

डॉ . शिवप्रसाद डबराल के अनुसार किसने सर्वप्रथम गढ़वाल शब्द का प्रयोग किया था- मोलाराम ने  

हरिजन जिन्हे शिल्पकार या डोम नाम से भी जाना जाता है ये किसके वंशज थे- किरातों के 

डॉ . शिवप्रसाद डबराल जी के अनुसार उत्तराखण्ड की सबसे प्राचीनतम जाति कौन सी है- कोल जाति 

कर्मिघम के अनुसार कत्यूरी राजाओं की राजधानी क्या थी- लखनपुर या विराटनगर 

ललितशूर किस राजवंश का सबसे प्रतापी राजा था- कत्यूरी वंश का

कत्यूरी काल में वर्मपाल का क्या कार्य होता था- सीमा से आने - जाने वाले लोगों पर निगरानी रखना 

कर की वसूली तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की छानबीन कत्यूरी काल में कौन करता था- नरपति नामक अधिकारी 

कत्यूरी काल में गुप्तचर विभाग का सर्वोच्च अधिकारी किस नाम से जाना जाता था- दुःसाध्यसाधनिक 

कत्यूरी काल में उपचारिक या पट्टकोष चरिक का क्या कार्य था- भूमि के अभिलेख रखना 

योग व शुल्क करो को वसूलने का कार्य करने वाले भोगपति व शौल्किक अधिकारी होते थे- कत्यूरी वंश के समय 

कत्यूरी वंश के शासन काल में भट व चार - प्रचार अधिकारी का क्या काम होता था- प्रजा से विष्टि या बेगार लेना 

कौन त्रिलोचन पाल को चन्दपाल का वंशज मानते है- डॉ आर एस त्रिपाठी 

चंद राजा किन शासकों के वंशज थे- कन्नौज शासकों के 

सोमचन्द के समय में डोटी ( नेपाल ) का राजा कौन था- जयदेव मल्ल

किस चंद शासक ने सर्वप्रथम रेशम उत्पादन का कार्य प्रारम्भ कर रेशमी वस्त्र बनाने का कार्य प्रारंभ किया था- इंद्रचंद ने 

अशोक चल्ल वैराथ कुल का था , तथा डोटी राज्य केअंतर्गत कहा का निवासी था- दूलू का 

अशोक चल्ल के समय में कुमाऊँ में कौन सा चन्द शासक था- वीर चंद 

किस चंद शासक के समय में कुमाऊँ के तराई भाबर में कटेहरियो का अधिपत्य था- ज्ञानचंद के समय में 

किस ताम्रपत्र से यह ज्ञात होता है कि सोर का विजेता ज्ञानचंद था- मझेड़ा ताम्रपत्र के अनुसार 

किस चंद शासक के समय में सर्वप्रथम चंदवंश की श्रीवृद्धि हुई थी- भारतीचंद के समय में 

चंद काल में जब भारतीचंद गद्दी पर बैठा हुआ था उस समय नेपाल का राजा कौन था- यक्षमल / जयमल्ल 

किस चंद शासक के समय में बलिनारायण संसार मल्ल सीरा मण्डल में शासक था- भारतीचंद के समय 

किस ताम्रपत्र से ज्ञात होता है कि भारतीचंद ने एक गाँव दान में दिया था- हुड़ेती ताम्रपत्र से 

सीरा में भारती चंद ने अपनो सामंत किसको नियुक्त किया था- डुंगरा बसेड़ा को 

किसने अपनी पुत्री का विवाह कल्याणचंद के साथ किया था- शोभामल्ल ने 

किस चंद शासक के समय में हुसैनखां ने तराई पर कब्जा किया था- रुद्रचंद के समय में 

किस चंद शासक को मुगल बादशाह अकबर ने चौरासी माल परगना फरमान में दिया था- रुद्रचंद को 

अनाज का छटा भाग गावों से वसूलकर राजधानी में पहुँचाने के लिए कैनी खसों का कार्य निर्धारण किस चंद शासक ने किया था- रुद्रचंद ने 

किस चंद शासक ने घरों में सेवा कार्य के छयोड़े तथा छयोडिया रखवाई थी - रुद्रचंद ने 

चंद शासक रुद्रचंद के किस स्थान से भूमि संबंधि दस्तावेज प्राप्त हुए है- सीरा , डीडीहाट से 

किस चंद शासक ने सीमाओं पर सीमा सूचक पत्थर लगवाएं थे- लक्ष्मीचंद ने  

न्योवाली न्याय वाली तथा बिष्टाली नामक कचहरियाँ किस चंद शासक ने अपने शासन काल में बनवाई थी- लक्ष्मीचंद ने 

वह चंद शासक कौन था जिसने छखाता व ध्यानीरौ के खसों के विद्रोह को दबाया था- त्रिमल चंद 

बाज बहादुर चंद किस मुगल बादशाह के दरबार में गया था- शाहजहाँ के दरबार में 

किस चंद शासक को मुगल बादशाह शाहजहाँ ने बहादुर व जमींदार की उपाधियों से विभूषित किया था- बाजबहादुर चंद को 

बाजबहादुर चंद ने कत्यूरी राजकुवरों के किस गढ़ पर हमला किया था- मानिल गढ़ प

बाजबहादुर चंद ने कैलाश - मानसरोवर के तीर्थ यात्रियों के लिए गूंठ भूमि दान में कब दी थी- सन् 1873 में 

गूंठ भूमि क्या होती थी- वह भूमि जो मंदिरो की देखभाल व उनमें खर्च होने वाले अनाज आदि की व्यवस्था के लिए पुजारियों को दी जाती थी 

बाजबहादुर चंद ने भोटियों तथा हुनियों को कौन सा कर चुकाने के लिए बाध्य किया था- सिरती नामक कर 

किस चंद शासक ने अपने दरबार को मुगल दरबार के अनुरूप बनाने का प्रयास किया था- बाजबहादुर चंद ने 

किस चंद शासक ने नेपाल पर आक्रमण कर वहाँ की ग्रीष्मकालीन राजधानी अजमेरगढ़ पर अधिकार कर लिया था- उद्योत चंद ने 

उद्योत चंद के समय में चंदो की पुरानी राजधानी चंपावत पर हमला कर उसे अपने अधिकार में कर लिया था- डोटी नरेश देवपाल ने 

किस वर्ष उद्योत चंद ने प्रयाग राज के रघुनाथपुर घाट में स्नान किया था- 1882 ई . में 

हिरु देउबा किस चंद शासक का सेनापति था- उद्योत चंद का 

चंद शासक ज्ञानचंद ने गढ़वाल में अपना पहला आक्रमण किस स्थान पर किया था- पिंडर घाटी में 

1899 ई . में किस चंद शासक ने बधानगढ़ को लूटा व उसे विजित किया था- ज्ञानचंद ने 

1704 ई . में ज्ञानचंद के समय कुमाऊँ सैना मलेरिया का शिकार हुई थी- डोटी अभियान के समय में 

चंद वंश में किन शासको के बनवाये गये मंदिरों को देवल अथवा द्यौल कहाँ जाता था- उद्योत चंद व ज्ञानचंद के बनवाये गये मंदिर

वह चंद शासक कौन था जिसने मुगल बादशाह बहादुरशाह को अनेक कीमती पहाड़ी चीजे भेंट की थी- जगतचंद 

वह चंद शासक जिसने जुआरियों पर कर लगाया था तथा जिसकी मृत्यु चेचक से हुई थी- जगतचंद


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